कंकरीट के जंगल
Title: कंकरीट के जंगल View Translations like
Uploaded Date and Time: June 26, 2014, 9:04 a.m.
Creator: Pantnagar janvani
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Uploaded By: janvani
Description: अगर हमारे खेतों में कारखाने ही कारखाने लग जाएं, अगर बडे़-बडे़ मकानों के जंगल खडे़ हो जाएं, हमारा अन्नदाता किसान ही भूखों मरने लगे, हमारी कृषि-भूमि बंजर हो जाए, फिर क्या होगा! तब क्या होगा जब एक अरब 20 करोड़ लोगों को भोजन न मिल सके! अकाल जैसी आपदा मेरे देष में न आए कभी! मैदानी क्षेत्रों में भी सूखा और बाढ़ जैसी आषंकाएं प्रतिक्षण बनी रहती हैं। पंतनगर जनवाणी ने इसी को नजर में रखते हुए ’कंकरीट के जंगल’ नामक जागरूकता कार्यक्रम श्रृंखला का प्रसारण आज से शुरू किया है। आज के बाद यह कार्यक्रम प्रत्येक वृहस्पतिवार को प्रसारित किया जाएगा। उत्तराखंड के सभी सामुदायिक रेडियो आज 16 जून से अपने-अपने केन्द्रों पर पर्यावरण सजगता कार्यक्रम की श्रृंखला प्रारम्भ कर रहे हैं, ताकि केदार नाथ जैसी (16 जून, 2014) भीषण आपदा यहां फिर न आए।
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